चाय के साथ-साथ कुछ कवितायें भी हो जाये तो क्या कहने...

Friday, September 28, 2007

भगत सिंह हमारा(गीत)


सारे जग में सबसे न्यारा
भगत सिंह हमारा...भगत सिंह हमारा
भारत माँ की आँखों का तारा
भगत सिंह हमारा...भगत सिंह हमारा

एक पंजाबी एसा जिसने
देश की खातिर जान लुटा दी
आज़ादी की खातिर जिसने
पल में सारी उम्र गँवा दी
वो सेनानी सबसे न्यारा
भगत सिंह हमारा...भगत सिंह हमारा

फ़ेंक असैम्बली में बम जिसने
अंग्रेज़ी हुकुमत को हिला दिया
छोटी सी उम्र में इन्कलाब ला
सोई रूहो को जगा दिया
सांडर्स की हत्या कर जिसने
फ़िरंगी को ललकारा
भगत सिंह हमारा...भगत सिंह हमारा

देश के खातिर मिट जाने को
एक पल भी न व्यर्थ गँवाया
हँसते-हँसते चढ़ा फ़ाँसी पर
शहीद भगत सिंह नाम कमाया
वो भी था एक बेटा प्यारा
भगत सिंह हमारा...भगत सिंह हमारा

अगर मिले जो जन्म कभी तो
भगत सिंह सा मिल जाये
देश के खातिर मर मिट जाये
अपनी कहानी लिख जाये
रहे सलामत गुलिस्ता हमारा
था जिसका एक ही नारा
भगत सिंह हमारा...भगत सिंह हमारा

सुनीता(शानू)

5 comments:

  1. अच्छी कविता.

    अमर शहीद भगत सिंह को नमन.

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  2. अमर शहीद भगत सिंह को नमन और आपको सुंदर कविता के लिये बधाई!

    -अजय यादव
    http://ajayyadavace.blogspot.com/
    http://merekavimitra.blogspot.com/2007/09/blog-post_5027.html

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  3. आपकी यह राष्ट्रभक्ति एवं वीररस का काव्य सबसे अच्छा और प्रभावशाली लगा। हास्य रचनाओं के कई गुना अधिक शक्तिशाली। और लिखिए और प्रसुप्त जनता जनार्दन को जगाने का महत् प्रयास करें।

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  4. bhagat singh desh kee yuvaa shakti, karm aur chintan ke prateek hain. swami vivekanand ke baad bhagat singh hee aisee shakhsiyat hain jinhone yuvaaon ko anupraaNit kiyaa.
    aapkee rachnaa bhagat singh kee arthwatta ke prati nayee peedhee ko jaagrook karne kaa safal prayaas hai

    anandkrishan, jabalpur
    mobile : 09425800818

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  5. शहिदे आजम को मेरा भी नमन .......भगत सिह कि पोस्ट मेरे रोम रोम को फडका रही है ......

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