चाय के साथ-साथ कुछ कवितायें भी हो जाये तो क्या कहने...
Saturday, March 14, 2020
रुपायन में प्रकाशित...दोहे फ़ागुन के...
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अंतिम सत्य
कन्यादान
इतिहास ने फ़िर धकेलकर, कटघरे में ला खड़ा किया... अनुत्तरित प्रश्नो को लेकर, आक्षेप समाज पर किया॥ कन्यादान एक महादान है, बस कथन यही एक सुना... ...
आ गई कुछ यादें चुपके से...
यूँ हीं आई जब याद बात कोई तो कागज़ पर कलम फ़िर चल पड़ी.... आधी बात कही थी तुमने और आधी मैने भी जोड़ी तब जाकर बनी तस्व...
तुम्हारी उदासी
तुम जब भी उदास होते हो मै उन वजहों को खोजने लगती हूँ जो बन जाती है तुम्हारी उदासी की वजह और उन ख़ूबसूरत पलों को याद करती हूँ जो...